Premium

It Doesn't Have To Be Crazy at Work

ऑफिस को बनाइए आरामदायक

by Jason Fried and David Heinemeier Hansson

7 chapters 15 min listen Hindi audio + text
It Doesn't Have To Be Crazy at Work
This is a Premium book.

Premium members get all 7 chapters of this book and 1200+ more. Unlock it here in a minute with UPI, card or net banking.

Read along

Press play: the text of the chapter you're listening to appears here.

About this book

दो लफ्जों में

ऑफिस और काम का माहौल पहले की तुलना में पूरी तरह बदल चुका है। अब हर कोई बस भाग रहा है। डेडलाइन और टार्गेट जैसे शब्द ऑफिस से निकलने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ते हैं। इसके पीछे ये सोच है कि इतने तगड़े कॉम्पिटिशन में खुद को बनाए रखने के लिए यही अप्रोच जरूरी है। ऐसे में ये किताब समझाती है कि कंपनियां बिना अफरा तफरी मचाए बहुत शांति से भी काम करते हुए खुद को आगे बनाए रख सकती हैं। इस किताब के लेखक अपनी कंपनी इसी तरह चला रहे हैं। इनसे सीख लेकर दूसरी कंपनियां भी खुद में बदलाव ला सकती हैं। 

 

ये किताब किनको पढ़नी चाहिए

• हर कामकाजी इंसान

• कंपनी owners और employers

• सीनियर मैनेजमेंट पर बैठे लोग 

 

इस किताब को पढ़कर आप जानेंगे

• तकनीक का गुलाम बनने के नुकसान

• कल की सोचें परसों की नहीं

• JOMO क्या है

 

लेखकों के बारे में

David Heinemeier एक प्रोग्रामर और रेसिंग ड्राइवर हैं। उनका बनाया प्रोग्राम Ruby on Rails, सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में बहुत पॉप्युलर हुआ है। Jason Fried एक जाने माने लेखक हैं जिनकी लिखी किताब Rework को इंटरनेशनल बेस्ट सेलर की लिस्ट में जगह मिली है। इनकी लाइफ का एक बहुत आसान सा रूल है "It's simple until you make it complicated." इन दोनों ने अपने एक और दोस्त Earnest Kim के साथ मिलकर Base Camp नाम की एक वेब डेवलपमेंट कंपनी बनाई है। इसे अब 37signals के नाम से जाना जाता है।

Comments

      
    0:000:00