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To Have Or To Be?

‘हैविंग’ माइंड सेट को छोड़कर जब आप ‘बींग’ माइंड सेट में जीना सीखिए

by Erich Fromm

5 chapters 17 min listen Hindi audio + text
To Have Or To Be?
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About this book

दो लफ्जों में

साल 1976 में रिलीज हुई किताब ‘टू हैव ऑर टू बी’ उस कन्ज्युमरिज्म सोच को सीधे तौर पर चैलेंज करती है, जो सोच हमें ‘टू हैव’ की तरफ खींचती है. इस किताब के माध्यम से लेखक ने लोगों के सामने एक नयी तस्वीर ‘टू बी’ के जरिये पेश की है, कि आप अपनी जिंदगी को इस तरीके से भी जी सकते हैं.

 

ये किताब किसके लिए है

- हर व्यस्त इंसान के लिए जो थक गया है

- ऐसे लोगों के लिए जो पॉवर और स्टेट्स से ऊपर भी कुछ चाहते हैं

- ऐसे लोग जिन्हें जीवन का सार समझना हो

 

लेखक के बारे में

Erich Fromm (1900-1980) विश्व विख्यात साइकोलॉजिस्ट, सोशियोलॉजिस्ट और फिलॉस्फर रहे हैं. इनका जन्म जर्मनी में हुआ था, लेकिन जब जर्मनी में 1930 में नाजी ने पॉवर लिया तो ये न्यूयॉर्क शिफ्ट हो गये थे.

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