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Give And Take

Why Helping Others Drives Our Success

by Adam Grant

10 chapters Hindi audio + text
Give And Take
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About this book

दो लफ्जों में

यह एक न्यूयार्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जरनल बेस्ट सेलर किताब है, जिसको 30 से ज्यादा लैंग्वेजेज में ट्रांसलेट किया गया है. इस किताब में बहुत अच्छी तरह से यह समझाया गया है कि जब हम अपने एटीट्यूड्स और एक्शन्स के साथ में मोटिवेशन, एबिलिटी और अपॉर्चुनिटी को कंबाइंड करके दूसरे लोगों के लिए एक देने वाले शख्स बन जाते हैं तो, यह एक्शन किस तरह से लॉन्ग-टर्म के लिए हमारी पर्सनल सक्सेस के साथ-साथ हमारे कैरियर में भी सक्सेस को बढ़ावा दे सकता है. 

 

लेखक के बारे में

Adam Grant एक अमेरिकन इंस्टीट्यूशनल साइकोलॉजिस्ट और बेस्ट सेलिंग ऑथर हैं. जो साइंस ऑफ मोटिवेशन, generosity, थिंकिंग और रीथिंकिंग के बारे में पता लगाते हैं. उनको दुनिया के 10 सबसे ज्यादा प्रभावशाली मैनेजमेंट थिंकर्स मे से एक रिकॉग्नाइज किया गया है. वह एक अवॉर्ड विनिंग रिसर्चर हैं और पेंसिलवेनिया के Wharton’s स्कूल में एक highest-rated प्रोफेसर हैं. उनकी किताब Give And Take 2013 में पब्लिश हुई है, जो आप के वर्क, इंटरेक्शंस और प्रोडक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद करती है. इसके अलावा उन्होंने यह 4 किताबें लिखी हैं : Think Again,, Originals, Option B और Power moves. उनकी सभी किताबों को "Year's best by Amazon, Apple, The Financial Times, और द वॉल स्ट्रीट जरनल" के नाम से जाना जाता है. 

 

यह किनके लिए है

- जो बातचीत में अपना इनफ्लुएंस बढ़ाने के लिए इफेक्टिव तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं. 

- जो गिवर, टेकर या मैचर की कैटेगरीज के बीच के डिफरेंस को समझना चाहते हैं.  

- जो दूसरे लोगों के साथ अपनी रिलेशनशिप्स को बेहतर बनाने के लिए गिव एंड टेक के बेसिक सिस्टम को समझना चाहते हैं. 

- जो अपने कलीग्स और कस्टमर्स के साथ अच्छे संबंध बनाने के तरीके जानना चाहते हैं, जिस के थ्रू वह बिजनेस में सक्सेसफुल होने के साथ-साथ बिजनेस को ग्रो करने के नए-नए तरीके भी सीखना चाहते हैं. 

- जो इस किताब को एक यूनिक टूल- किट की तरह यूज़ करके, कोलैबोरेशन और रिसिप्रोसिटी के थ्रू, यानी दूसरी ऑर्गेनाइजेशंस के साथ मिलकर और आपसी सहयोग बनाकर, अपने गोल्स को सक्सेसफुली अचीव करना चाहते हैं

 

Give And Take

ऑथर कहते हैं कि "Being a giver is not good for 100-yard dash, but it's valuable in marathon." इसका मतलब है कि सिर्फ शॉर्ट- टर्म के लिए एक giver  बनना अच्छा नहीं है, लेकिन यह लॉन्ग- टर्म के लिए वैल्युएबल होता है.  

किसी भी फील्ड में आपकी सक्सेस के लिए, आपके पैशन, टैलेंट, हार्ड वर्क और गुड लक को इसकी वजह माना जा सकता है. लेकिन  इसमें एक मिसिंग एलिमेंट भी मौजूद होता है. इस बारे में ऑथर अपनी रिसर्च के बेस पर यह कहते हैं कि आपकी सक्सेस इस बात पर भी डिपेंड करती है कि आप दूसरों के साथ किस तरह से इंटरऐक्ट, यानी बात-चीत करते हैं. 

ग्रांट यह दिखाते हैं कि लोगों का अपने काम पर " takers matchers, या givers ", की तरह ऑपरेट करने का रुझान रहता है. takers वह लोग होते हैं, जो दूसरे लोगों से ज्यादा से ज्यादा लेने की कोशिश करते हैं. जबकि matchers का इरादा बराबरी से काम करने का होता है और givers बहुत कम ऐसे लोग होते हैं जो बदले में किसी भी चीज की उम्मीद किए बिना ही कंट्रीब्यूट करते हैं. हमारे वर्कप्लेस में इन तीनों रिसिप्रोसिटी स्टाइल्स में से givers स्टाइल को , सबसे ज्यादा सक्सेस देने वाली स्टाइल माना जाता है. जबकि कुछ givers को उनके काम पर exploit और burnt out किया जा सकता है. यानी उनका शोषण करके और उनको बुरी तरह से थकाकर कमजोर बनाया जा सकता है. लेकिन वह लोग, तमाम इंडस्ट्रीज की एक वाइड रेंज में मैचर्स और टेकर्स के कंपैरिजन में कहीं ज्यादा एक्स्ट्राऑर्डिनरी सक्सेस भी अचीव कर सकते हैं. 

ग्रांट य़ह कनक्ल्यूड करते हैं कि आखिरकार givers को ही सक्सेस मिलती है. हालांकि यह सिर्फ किसी भी givers के लिए नहीं होती है बल्कि कुछ स्ट्रैटेजिक givers को ही सक्सेस मिल पाती है. 

इसलिए अगर आपका रुझान एक गिवर की तरह ऑपरेट करने की तरफ है, लेकिन आप इस रिसिप्रोसिटी स्टाइल को सही तरीके से रिप्रेजेंट नहीं कर पा रहे हैं, तो यह किताब आपको सिखाएगी कि आप देने के बाद भी अपने काम में आगे बढ़ सकते हैं. 

इस किताब में ऑथर Grant, अपनी साइंस- बेस्ड अप्रोच के बारे में बताने के साथ- साथ आपके अंदर भी इस एप्रोच को डेवेलप करने के लिए एक प्रैक्टिकल एडवाइस ऑफर करते हैं. 

इस किताब में इन तीनों रिसिप्रोसिटी स्टाइल्स: गिवर्स, मैचर्स और टेकर्स के बारे में पता लगाया जाएगा. इसके अलावा हम अपने खुद के हिसाब से भी गिविंग की इंपोर्टेंस के बारे में जांच-पड़ताल करेंगे. और  इस बारे में पता लगाएंगे कि गिवर्स किस वजह से या तो दूसरों से पिछड़ जाते हैं या फिर उनसे आगे निकल जाते हैं. इस बारे में कहा जाता है, " Nice guys finish last." इसका मतलब है  कि भले ही कुछ सीधे-साधे लोग एक कंपटीटिव सिचुएशन में सक्सेसफुल हो पाते हैं या फिर वह फेल हो जाते हैं . यह बात मायने नहीं रखती है. बल्कि इसकी जगह उनकी Generosity, यानी उदारता मायने रखती है. लेकिन Generous होने का मतलब सेल्फलेस होना भी नहीं है. स्ट्रैटेजिक गिवर्स इस बारे में बहुत सोच- विचार करते हैं, कि उन्हें कब, कैसे और किन लोगों को देना है. 

इस किताब के अलग-अलग चैप्टर्स में यह समझाने पर फोकस किया जाएगा कि किन वजहों से  गिविंग, पावरफुल और डेंजरस दोनों होती है. और आपको ऐसे प्रिंसिपल्स के बारे में बताया जाएगा कि कैसे और क्यों givers अपनी फील्ड में टॉप पर पहुंच जाते हैं. और आप यह भी देखेंगे कि सक्सेसफुल givers अपनी यूनिक अप्रोचेज की मदद से 4 तरह के इंपॉर्टेंट domains यानी नॉलेज की फील्ड में किस तरह से इंटरेक्शंस करते हैं: जैसे, नेटवर्किंग, कोलैबोरेटिंग, इवेल्यूएटिंग, और इन्फ्लुएंसिंग. 

नेटवर्किंग पर फोकस करके इस तरह की फ्रेश अप्रोचेज को हाइलाइट किया जाएगा, जिनकी मदद से आप नए कॉन्टैक्ट्स के साथ अपने कनेक्शंस को डेवेलप करेंगे और पुराने कॉन्टैक्ट्स के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाएंगे. 

कोलैबोरेशन की जांच-पड़ताल करके आपको यह पता चलेगा कि आप कैसे अपने कलीग्स के साथ प्रोडक्टिवली वर्क कर सकते हैं. और उनका रिस्पेक्ट जीत सकते हैं. 

दूसरे लोगों को एवैल्युएट करके हम ऐसी काउन्टर-इंट्यूटिव टेक्निक्स के बारे में पता लगाएंगे, जिनकी मदद से उनके अंदर के टैलेंट को जज किया जा सके और उनको डेवलप करके बाहर निकाला जा सके. और इनफ्लुएंस की एनालिसिस करके हम अपने आइडियाज और इंटरेस्ट्स के बारे में दूसरे लोगों को कन्वींस करना सीखेंगे. जिसकी मदद से हम अपनी  प्रेजेंटिंग, सेलिंग, परसूएडिंग यानी समझा- बुझाकर राजी करना, और नेगोशिएटिंग को और बेहतर बना सकते हैं. इन चार domains में आप देखेंगे कि सक्सेसफुल givers, क्या अलग करते हैं. और टेकर्स और मैचर्स इस एप्रोच से क्या सीख सकते हैं? 

इस किताब के अगले चैप्टर्स में हम यह पता लगाएंगे कि गिविंग के बेनिफिट्स लेने के लिए हमें क्या कीमत चुकानी पड़ती है. और इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है. हम यह भी सीखेंगे कि कैसे  गिवर्स," पुशओवर्स और डोरमैट्स," यानी एक कमजोर कैरेक्टर वाला शख्स बनने से और खुद को बर्नआउट होने से बचा सकते हैं. हम इस बात का भी पता लगाएंगे कि हम एक गिवर और टेकर को जज करने में गलती क्यों करते हैं. और बारगेनिंग टेबल पर गिवर्स खुद को प्रोटेक्ट कैसे करते हैं? यहां पर आपको इस बारे में भी नॉलेज मिलेगी कि आप कैसे, टेकिंग से गिविंग की तरफ जा कर दूसरे लोगों की इंपोर्टेंस को  कम कर सकते हैं. और फिर  सफलता की सीढ़ी पर टॉप की तरफ ऊपर उठ जाते हैं. इसी तरह की तमाम अहम चीजों के बारे में डिटेल में समझाने के लिए ऑथर ने इस किताब को 9 चैप्टर्स में डिवाइड किया है :

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