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The 22 Immutable Laws of Marketing

भूलकर भी ना भूलें मार्केटिंग के ये नियम

by Al Ries and Jack Trout

4 chapters 20 min listen Hindi audio + text
The 22 Immutable Laws of Marketing
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About this book

दो लफ्जों में

साल 1994 में आई ये किताब आपको मार्केटिंग की बेहतरीन पॉलिसीज बनाने में मदद करती है। इसमें रीयल लाइफ से जुड़े कुछ ऐसे उदाहरण दिए गए हैं जिनको समझकर आप उन गल्तियों से बच सकते हैं जो मार्केटिंग के दौरान कंपनियां अक्सर कर देती हैं। इसके साथ आप ये भी सीखते हैं कि आपके सामने कितना ही तगड़ा कॉम्पिटीशन क्यों न हो आपकी मार्केटिंग कैसे मजबूती से टिकी रह सकती है। 

 

ये किताब किनको पढ़नी चाहिए?

- जो लोग मार्केटिंग साइकोलॉजी समझना चाहते हैं

- किसी कंपनी में CEO और मैनेजर जैसी ऊंची पोस्ट पर बैठे हुए लोग

- ऐसे बिजनेसमैन जो अपनी मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को बेहतर बनाना चाहते हैं 

 

लेखकों के बारे में

अल रीस और जैक ट्राउट, मार्केटिंग गुरु के रूप में जाने जाते हैं। इन्होंने मार्केटिंग वारफेयर, बॉटम-अप और हॉर्स सेंस जैसी कई फेमस किताबें लिखी हैं जो मार्केटिंग की दुनिया में बेहतरीन किताबें मानी जाती हैं। इन्होंने एप्पल, AT&T और प्रॉक्टर एंड गैंबल जैसी बड़ी अमेरिकन कंपनियों के अलावा लैटिन अमेरिका और एशिया की जानी मानी कंपनियों के साथ काम किया है। 

 

ये किताब आपको क्यों पढ़नी चाहिए? 

अगर ये कहा जाए कि मार्केटिंग लोगों के पर्सेप्शन यानि धारणा या सोच पर आधारित है तो कोई गलत बात नहीं होगी। लोग किसी प्रोडक्ट को इसलिए नहीं खरीदते क्योंकि वो सबसे अच्छा है बल्कि इसलिए खरीदते हैं क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि वो प्रोडक्ट सबसे अच्छा है। होंडा एक फेमस जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी है। लेकिन जापान के लोग उसे मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी की तरह समझते हैं। इसलिए जापानी लोग शायद ही कभी होंडा कार खरीदते हैं। जबकि यूएस में होंडा की कारें सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में आती हैं। ये फर्क सिर्फ सोच की वजह से है।  फिर भी कई कंपनियां इतनी जरूरी बात नहीं समझ पातीं। जब सेल्स डाउन होने लगती है तो कंपनियां लाखों खर्च करके अपने प्रोडक्ट को अपग्रेड करने में जुट जाती हैं। उनको लगता है प्रोडक्ट को पहले से बेहतर बना दिया जाए तो ये ग्राहकों को लुभा लेगा। जबकि हकीकत में कंपनी को बस उस प्रोडक्ट के बारे में लोगों की सोच बदलने की जरूरत होती है। मार्केटिंग ऐसा टूल है जिसकी मदद से आप ये काम बहुत अच्छी तरह कर सकते हैं। ये किताब आपको बताएगी कि किस तरह आप अपने सामने खड़े मजबूत से मजबूत कॉम्पिटीटर को कमजोर करके दिखा सकते हैं और अपने ब्रांड को ऐसा बना सकते हैं जो कॉम्पिटीशन प्रूफ हो। इस समरी को पढ़कर आप जानेंगे किकोक या पेप्सी में से एक चुनने पर कैसे आपकी उम्र का पता चलता है? घमंड की वजह से कैसे आपकी मार्केटिंग खराब हो सकती है? और कोई शब्द कैसे एक कंपनी की मोनोपोली और पहचान बन जाता है?

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