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Resilience

मुश्किलों का सामना करके कैसे आगे बढ़ें

by Mark McGuinness

8 chapters 22 min listen Hindi audio + text
Resilience
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About this book

दो लफ़्ज़ों में

कभी सोचा है कि सफल लोग इतनी मुश्किलों के बावजूद हार क्यों नहीं मानते? क्या उनके पास कोई जादुई ताकत होती है, या फिर वे भी वही सब महसूस करते हैं जो हम करते हैं—डर, असफलता, नाकामी का डर? Resilience (2013) इसी सवाल का जवाब देती है।

यह किताब बताती है कि सपने सिर्फ़ कहानियों में ही पूरे नहीं होते, बल्कि असली दुनिया में भी पूरे किए जा सकते हैं, अगर इंसान में आगे बढ़ने का ज़ज़्बा हो। फर्क सिर्फ़ इतना है कि जो लोग अपने सपनों को हकीकत बनाते हैं, वे resilience यानी मुश्किलों के बावजूद चलते रहने की ताकत को अपना हथियार बना लेते हैं।

जब ज़िंदगी आपको गिराने की कोशिश करे, जब इनर वॉइस आपको रोकने लगे, जब लोग आपको नकार दें या आप पर हंसने लगें, तब भी अगर आप हार मानने के बजाय एक कदम और आगे बढ़ाते हैं, तो वही resilience है। यही क्षमता आपको उस मुकाम तक ले जाती है, जहां आप अपनी शर्तों पर जी सकते हैं, अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

 

यह किताब किनके लिए है?

अगर आप कोई क्रिएटिव काम करते हैं—चाहे वह आर्ट हो, म्यूजिक, राइटिंग या किसी भी तरह की इनोवेटिव सोच—तो यह किताब आपको सिखाएगी कि अपने अंदर resilience कैसे पैदा करें।

अगर आप उन लोगों में से हैं जो एक बेहतर ज़िंदगी की ख्वाहिश रखते हैं, लेकिन हर बार जब आप कोई कदम उठाते हैं तो समाज या हालात आपको पीछे खींचने लगते हैं, तो यह किताब आपके लिए है।

अगर आप एंटरप्रेन्योर हैं या किसी भी तरह का रिस्क लेना चाहते हैं, लेकिन असफलता का डर आपको रोक रहा है, तो इस किताब में वह सब कुछ मिलेगा जो आपको आगे बढ़ने के लिए चाहिए।

 

लेखक के बारे में

मार्क मैकगिनेस एक ऐसे लेखक और कंसल्टेंट हैं, जिन्होंने बीस साल से ज़्यादा समय तक लोगों को उनके सपनों तक पहुंचने में मदद की है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और वे एक कवि और लाइसेंस प्राप्त साइकोथेरेपिस्ट भी हैं। उनकी लिखी Time Management for Creative People ई-बुक भी काफ़ी पॉपुलर रही है।

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