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Cribsheet

A Data-Driven Guide to Better, More Relaxed Parenting, from Birth to Preschool

by Emily Oster

10 chapters 23 min listen Hindi audio + text
Cribsheet
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About this book

दो लफ्ज़ो मै

क्रिबशीट छोटे बच्चों की पेरेंटिंग को एक अलग और दिलचस्प नज़रिए से समझाती है। यह नज़रिया एक इकोनॉमिस्ट का है। फैसले लेने, फायदे और नुकसान को समझने, रिस्क को परखने और जानकारी को सही तरीके से समझने के तरीकों की वजह से, इकोनॉमिक्स हमें यह समझने में मदद करती है कि नए पेरेंट्स अपने बच्चों की परवरिश से जुड़े मुश्किल फैसले कैसे ले सकते हैं।

 

यह किन लोगों के लिए है?

जो लोग जल्द ही पेरेंट्स बनने वाले हैं और पहले से पेरेंटिंग से जुड़े फैसलों के बारे में सोचना चाहते हैं।

जो लोग पहले से पेरेंट्स हैं और ऐसे फैसले लेने में उलझन महसूस कर रहे हैं।

जो लोग यह सोच रहे हैं कि वे भविष्य में पेरेंट्स बनना चाहते हैं या नहीं।

 

लेखिका के बारे में

एमिली ओस्टर, ब्राउन यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर हैं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पीएचडी की है।

वह एक्सपेक्टिंग बेटर: व्हाई द कन्वेंशनल प्रेग्नेंसी विज़डम इज़ रॉन्ग – एंड व्हाट यू रियली नीड टू नो नाम की मशहूर और चर्चा में रहने वाली किताब की लेखिका भी हैं।

उनके लेख द न्यूयॉर्क टाइम्स, द वॉल स्ट्रीट जर्नल, फोर्ब्स और एस्क्वॉयर जैसी पत्रिकाओं और न्यूज़पेपर्स में पब्लिश हो चुके हैं। वह 2007 की टेड कॉन्फ्रेंस में स्पीकर भी रह चुकी हैं।

 

इससे आपको क्या सीखने को मिलेगा?

ज़िंदगी की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारियों में से एक है बच्चे की पेरेंटिंग करना। अगर इसके लिए आपके पास कोई आसान गाइड हो, तो यह काम थोड़ा आसान हो सकता है।

परीक्षाओं में लंबे जवाब याद करने से बचने के लिए कई स्टूडेंट्स एक छोटी-सी पर्ची बनाते हैं, जिसमें वे ज़रूरी जानकारी लिख लेते हैं। इसे क्रिबशीट कहा जाता है। इसमें वे ऐसी बातें लिखते हैं जो एग्ज़ाम के समय उनके काम आ सकें।

ठीक उसी तरह, अगर पेरेंटिंग के लिए भी हमारे पास एक छोटी-सी गाइड हो, जो हमें मुश्किल फैसले लेने में मदद करे, तो कितना अच्छा हो!

एमिली ओस्टर ने यही काम किया है। उन्होंने पेरेंटिंग को इकोनॉमिक्स के नज़रिए से समझाया है और ऐसे आसान तरीके बताए हैं, जिनकी मदद से आप अपने बच्चे से जुड़े बेहतर फैसले ले सकते हैं।

 

इन लेसन्स में आप सीखेंगे

इकोनॉमिक्स की समझ आपको पेरेंटिंग से जुड़े मुश्किल फैसले लेने में कैसे मदद कर सकती है।

पेरेंटिंग से जुड़ी कई सलाहें हमेशा भरोसेमंद रिसर्च पर क्यों नहीं होतीं।

किसी भी रिसर्च पर भरोसा करने से पहले आपको किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।

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