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Don't Make Me Think, Revisited

A Common Sense Approach to Web Usability

by Steve Krug

10 chapters 27 min listen Hindi audio + text
Don't Make Me Think, Revisited
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About this book

दो लफ़्ज़ों में

Steve Krug की "Don't Make Me Think, Revisited" एक ऐसी बुक है जो वेब यूज़बिलिटी को एकदम सिंपल और रिलेटेबल तरीके से समझाती है। ये बुक बताती है कि एक effective वेबसाइट बनाने के लिए यूज़र को सोचने पर मजबूर मत करो – सब कुछ इतना क्लियर होना चाहिए कि यूज़र अपने आप समझ जाए।

 

क्या सीखेंगे इन लेसन्स में?

क्यों दुनिया के लैंडफिल्स में यूज़र मैनुअल्स का ढेर लगा है:

ज़्यादातर यूज़र मैनुअल्स को कोई नहीं पढ़ता क्योंकि वो unnecessarily complex होते हैं। ठीक वैसे ही, एक वेबसाइट पर अगर चीज़ें unnecessarily complicated हों, तो यूज़र वहां रुकने की बजाय चले जाते हैं।

 

क्यों दूसरों को कॉपी करना हमेशा गलत नहीं है:

अगर किसी डिज़ाइन ने पहले से ही काम किया है, तो उसे reference की तरह इस्तेमाल करना गलत नहीं है। एक tested और proven डिज़ाइन यूज़र experience को smooth बना सकता है।

 

कैसे पिज्जा (और थोड़ा पैसा) आपकी वेबसाइट को बेहतर बना सकता है:

Steve Krug बताते हैं कि वेबसाइट टेस्टिंग में ज्यादा खर्चा नहीं होता। बस आपको एक पिज्जा पार्टी और कुछ cash incentive की ज़रूरत होती है। कुछ असली यूज़र्स को invite करें, उन्हें वेबसाइट use करने दें और उनके reactions को observe करें।

 

ये किताब किन लोगों के लिए है?

⦁ जो छोटी कंपनियों में वेब प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।

⦁ वेब डिज़ाइनर्स, डेवेलपर्स और प्रोजेक्ट मैनेजर्स।

⦁ जो अपने बॉस को convince करना चाहते हैं कि usability कितनी ज़रूरी है।

 

लेखक के बारे में

Steve Krug एक experienced usability consultant हैं जो Apple, Bloomberg, Lexus जैसे बड़े ब्रांड्स के साथ काम कर चुके हैं। उनकी दूसरी किताब "Rocket Surgery Made Easy" भी वेब usability पर फोकस्ड है।

This is a summary of Don't Make Me Think, Revisited by Steve Krug. If the ideas speak to you, read the full book.

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