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Being Mortal

बढ़ती उम्र, बीमारियों और मृत्यु को स्वीकार करने की जरूरत

by Atul Gawande

5 chapters 23 min listen Hindi audio + text
Being Mortal
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About this book

दो लफ्जों में

मरने के नाम से हर कोई डरता है जबकि एक दिन सबको मरना है। इस शब्द को इतना बुरा माना जाता है कि इस पर बात करना तो दूर कोई इसका नाम भी लेना नहीं चाहता। 2014 में आई ये किताब पाठकों को जीवन के इस सबसे कठोर और अटल सत्य को समझने और स्वीकार करने में मदद करती है। इस किताब में आप मृत्यु के बारे में आधुनिक समाज के नजरिए, इससे जुड़ी संवेदनाओं और कमियों के बारे में जानेंगे। आप ये भी सीखेंगे कि इस डर को दिल से कैसे निकालना है ताकि आप जीवन को खुलकर और निश्चिंत होकर जी सकें। 

 

यह किताब किनको पढ़नी चाहिए

- हर ऐसा व्यक्ति जो बुजुर्गों और मौत की दहलीज पर खड़े लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के बारे में सोचता है

- जिनके घर में बुजुर्ग या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग हैं

- जो लोग अपने जीवन को सुधारकर सम्मान के साथ इस इस दुनिया से विदा होना चाहते हैं 

 

लेखक के बारे में

अतुल, हावर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में डॉक्टर, लेखक, रिसर्चर और प्रोफेसर हैं। उन्होंने कॉम्प्लीकेशंस और द चेकलिस्ट मेनिफेस्टो नाम की दो और किताबें लिखी हैं।

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